कृत्रिम चमड़े के उत्पादन में,पीवीसी स्टेबलाइजरउत्पाद की गुणवत्ता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए पीवीसी स्टेबलाइजर आवश्यक हैं। हालांकि, जटिल प्रक्रियाओं और बदलती परिस्थितियों के कारण चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। नीचे पीवीसी स्टेबलाइजर से संबंधित सामान्य समस्याएं और उनके समाधान दिए गए हैं।
1. अपर्याप्त तापीय स्थिरता
मुद्दा:पीवीसी उच्च तापमान पर विघटित हो सकता है, जिससे रंग बदल सकता है या जल सकता है।
समाधान:टॉपजॉय जैसे उच्च-दक्षता वाले स्टेबलाइज़र का उपयोग करें।तरल बेरियम-जिंक स्टेबलाइजरऔर प्रसंस्करण तापमान को अनुकूलित करें।
2. खराब मौसम प्रतिरोध
मुद्दा:पराबैंगनी किरणों, ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने से रंग फीका पड़ सकता है या दरारें पड़ सकती हैं।
समाधान:मौसम प्रतिरोधी स्टेबलाइजर लगाएं और यूवी अवशोषक शामिल करें।
3. यांत्रिक गुणों में कमी
मुद्दा:कृत्रिम चमड़े में तन्यता शक्ति या फटने का प्रतिरोध कम हो सकता है।
समाधान:ऐसे स्टेबलाइज़र का उपयोग करें जो यांत्रिक प्रदर्शन को बढ़ाते हैं, जैसे किटॉपजॉय का तरल बेरियम-जिंक स्टेबलाइज़रऔर प्लास्टिसाइज़र के अनुपात को समायोजित करें।
4. पर्यावरण मानकों का अनुपालन न करना
मुद्दा:परंपरागत स्टेबलाइजर में हानिकारक पदार्थ हो सकते हैं, जिससे बाजार में उनकी पहुंच सीमित हो जाती है।
समाधान:टॉपजॉय जैसे पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाएं।तरल कैल्शियम-जिंक स्टेबलाइजरजो REACH और RoHS जैसे वैश्विक मानकों को पूरा करता है।
5. खराब प्रोसेसिंग प्रदर्शन
मुद्दा:उत्पादन के दौरान पीवीसी में खराब प्रवाह या असमान प्लास्टिकीकरण की समस्या हो सकती है।
समाधान:उत्कृष्ट प्रसंस्करण गुणों वाले स्टेबलाइजर का उपयोग करें, जैसे कि टॉपजॉय का तरल बेरियम-जिंक स्टेबलाइजर, और उपकरण सेटिंग्स को अनुकूलित करें।
6गंध संबंधी समस्याएं
मुद्दा:स्टेबिलाइजर या एडिटिव्स के कारण अप्रिय गंध उत्पन्न हो सकती है।
समाधान:टॉपजॉय के लिक्विड कैल्शियम-जिंक स्टेबलाइजर जैसे कम गंध वाले स्टेबलाइजर का उपयोग करें और उत्पादन के दौरान उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
कृत्रिम चमड़े के उत्पादन में पीवीसी स्टेबलाइजर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।टॉपजॉयहमारे लिक्विड बेरियम-जिंक और लिक्विड कैल्शियम-जिंक स्टेबलाइजर थर्मल स्थिरता, मौसम प्रतिरोध, यांत्रिक प्रदर्शन, पर्यावरणीय अनुपालन और प्रसंस्करण दक्षता के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं।
पोस्ट करने का समय: 12 मार्च 2025

